Makar Sankranti Kyu Manate Hai In Hindi

Makar Sankranti Kyu Manate Hai In Hindi – दोस्तों यह सवाल अक्सर अरेक वयक्ति के अंदर आता है। दोस्तों यह त्योहार भारत का एक बहुत ही महत्वपूर्ण और पवित्र त्योहारों में से एक माना जाता है। यह  त्योहार सूर्य देव, प्रकृति, दान और सकारात्मक जीवन से जुड़ा हुआ है। हम मकर संक्रांति को एक पर्व ही नहीं बल्कि एक नयी दिशा और जीवन में आगे बढ़ने कि प्रेरणाये देता है। इसी वजह से लोग पुरे भारत में इसे अलग अलग नाम और  परंपराओं के साथ इसे  मनाते  जाता है।

दोस्तों Dharmtalk.in पर यह विषय इसलिए जरुरी है, कयोकि हमें एक सही पथ पर चलने कि प्रेरणा देता है और हमें धर्म, कर्म और सेवा का सही अर्थ समझाता है।

Makar Sankranti Kyu Manate Hai In Hindi

मकर संक्रांति क्या है और इसका अर्थ क्या है?

दोस्तों मकर संक्रांति को समझने से पहले हमें यह जानना जरूरी है कि संक्रांति का अर्थ क्या होता है। हमारे सनातन धर्म में जब सूर्य एक राशि से दूसरे राशि में प्रवेश करता है, तब हम उसे हम संक्रांति कहते हैं एवं यह पूरे साल में 12 संक्रांतियां होती है लेकिन इसमें से मकर संक्रांति सबसे विशेष माना जाता है। दोस्तों इस दिन सूर्य अपने धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करता है और इस पर्व को मकर संक्रांति कहते हैं। यह पर हर साल लगभग 14 या 15 तारीख को जनवरी के महीने में ही आता है।

धार्मिक दृष्टिकोण से देखें तो सूर्य को जीवन का आधार हमें मनाना बहुत ही आवश्यक है अर्थात सूर्य के बिना ना जीवन संभव है और ना ही प्रकृति। इसलिए मकर संक्रांति सूर्य देव को सम्मान और धन्यवाद देने का पर वी नहीं है। दोस्तों इसे हम आपको एकदम विस्तार से बताएंगे कि कैसे आप स्टेप बाय स्टेप इसे समझ सकते हैं और सारी जानकारी के बारे में जान सकते हैं।

Makar Sankranti Kyu Manate Hai In Hindi – जानिए इसके पीछे का धार्मिक कारण

दोस्तों यह सवाल अक्सर सबके मन में आता है कि मकर संक्रांति क्यों  मानते है। हम मकर संक्रांति इसलिए मानते हैं, क्योंकि यह हमारे धार्मिक कार्यों से जुड़ा एक बहुत बड़ा त्योहार माना जाता है। दोस्तों जब सूर्य का उत्तरायण होता है इस दिन सी उत्तर दिशा की ओर चलना प्रारंभ करता है जिसे हम उत्तरायण कहते हैं हिंदू धर्म में उत्तरायण को बहुत शुभ माना जाता है।

दोस्तों इसमें यह माना जाता है कि उत्तरायण के समय अच्छे कार्यों का फल जल्दी प्राप्त होता है और पूजा ,दान का महत्व बहुत ही ज्यादा बढ़ जाता है। मन में सकारात्मक विचार जल्दी आना प्रारंभ हो जाते हैं। इसी प्रकार हमें यह बताया गया है कि भीष्म  पितामा ने अपने प्राण त्यागने के लिए उत्तरायण का ही चयन किया था। इसे यह स्पष्ट होता है कि समय मोक्ष देने वाला माना जाता है। दोस्तों हम पुण्य धर्म और आध्यात्मिक उन्नति का पर्व को ही मकर संक्रांति के रूप में मानते हैं। दोस्तों इसके अलावा भी बहुत सारे कारण है लेकिन इनमें से मैं आपको मुख्य कारण के बारे में बताया हूं कि मकर संक्रांति क्यों मनाया जाता है।

मकर संक्रांति की पूजा और दान की सामग्री सूची

दोस्तों मकर संक्रांति  में कुछ ऐसे सामांग्री का जरुरत होता है,जो बहुत सारे लोगों को नहीं पता होता है। दोस्तों मकर संक्रांति में लगने वाले सारे सामग्री बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। आप त्योहार को सफल एवं सही तरीकों से संपन्न करने के लिए आपको कुछ जरूर सामग्री की आवश्यकता होगी इन सब जरुरत  सामग्री मैं आपको नीचे लिस्ट में दे दूंगा आप इन सब सामग्रियों की मदद से एक अच्छे से मकर संक्रांति के त्यौहार को सफल तरीके से संपन्न कर सकते हैं एवं अपने जीवन में सुख एवं समृद्धि प्राप्त कर सकते हैं।

मकर संक्रांति की मुख्य सामग्री सूची :

  • तिल (काले या सफेद) – दान और पूजा के लिए सबसे महत्वपूर्ण

  • गुड़ – मिठास और शुभता का प्रतीक

  • चावल – अन्न दान और पूजा में उपयोग

  • खिचड़ी की सामग्री – दाल, चावल, घी

  • घी – हवन और दीपक के लिए

  • तिल का तेल – दीपक जलाने के लिए

  • तांबे का लोटा – सूर्य देव को जल अर्पित करने के लिए

  • गंगाजल – स्नान और पूजा के लिए

  • सूर्य देव की मूर्ति या चित्र – पूजा हेतु

  • लाल फूल – सूर्य देव को अर्पित करने के लिए

  • धूप – पूजा में सुगंध के लिए

  • दीपक (मिट्टी या पीतल का) – आरती के लिए

  • अगरबत्ती – पूजा वातावरण शुद्ध करने के लिए

  • फल – भगवान को भोग लगाने के लिए

  • कपड़े (दान के लिए) – गरीब और जरूरतमंदों को देने हेतु

  • कंबल या चादर – सर्दी में दान के लिए

  • दक्षिणा (सिक्के या धन) – दान हेतु

  • पान, सुपारी और नारियल – पूजा पूर्णता के लिए

  • पतंग और मांझा – परंपरा और उत्सव के लिए

  • तिल-गुड़ के लड्डू – प्रसाद और बांटने के लिए

Note:

इसके अलावे दोस्तों अगर आपको ऐसा लगता है की इसमें कुछ और भी छोटे छोटे सामांग्री है तो आप उसे भू इसमें शामिल कर सकते है ताकि आपको किसी भी प्रकार के सामनगरी की कमी का अनुभव न हो।

Makar Sankranti Par Kya Kare

दोस्तों अक्सर यह भी सवाल हमारे मन में आता है कि मकर संक्रांति क्यों मानते है। और मकर संक्रांति में हम ऐसा क्या करें जिससे हमारे किए गए पर्व संपूर्ण तरीकों से सफल हो और हमें इससे लाभ भी प्राप्त हो एवं हम खुश भी महसूस करे। इस पर्व में अक्सर हम मुख्य दो कार्य करते हैं हम इस पर्व में खिचड़ी बनाने की परंपरा एवं पतंग उड़ाने की परंपरा को बहुत ही महत्व स्थान देते हैं। यह दो परंपरा मकर संक्रांति में अक्सर भारत के हर एक जगह पर बहुत ही धूमधाम तरीकों से मनाया जाता है तो मैं आपको आज इन्हीं दो मुख्य परंपराओं के बारे में बताऊंगा।

खिचड़ी बनाने की परम्परा : दोस्तों खिचड़ी बनाने की परम्परा मकर संक्रांन्ति में हमारे देश में बहुत  पुराणी परंपरा मन जाता है। दोस्तों कहा जाता है कि खिचड़ी बहुत ही पोषक खाने में से एक होता है और पर्व त्योहार में इसे खाने से हमारे शरीर को काफी लाभ प्रदान होता है। दोस्तों खिचड़ी खाने से हमारे शरीर में बहुत जल्दी और काम Engry के साथ पच जाता है और पर्व त्योहारों में हमलोग जायदा Heavy खाना नहीं खा सकते इसलिए खिचड़ी ही एक ऐसा खाना है जो हमारे सरीर के लिए काफी अच्छा मन जाता है। 

पतंग उड़ाने की परम्परा : दोस्तों मकर संक्रांति में पतंग उड़ाने की परंपरा बहुत पुराना परम्परा मन जाता है। कहा जाता है की इस खुशी के पर्व में पतंग उड़ाने से हमारे शरीर को एक अलग ऊर्जा महसूस होने लगता है। दोस्तों कहा जाता है की पतंग उड़ाने की परम्परा अधिकतर राजस्थान, और गुजरात जैसे जगहों पर इसको बहुत ही अच्छे से और एक अलग उमगन के साथ इसे मनाया जाता है। दोस्तों पतंग उष्ण से हमारे शरीर को काफी लाभ प्राप्त होता है। हमजब सुबह सुबह पतंग उड़ाते है तो हमारे शरीर में Vitamin D का लाभ प्राप्त होता है और एक अलग engry महसूस होने लगता है।

मकर संक्रांति में तिल और गुड़ का आध्यात्मिक महत्व

दोस्तों कहां जाता है कि मकर संक्रांति में तिल और गुड़ का खाना बहुत ही बड़ा परंपरा है और इसके पीछे छिपा धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व भी है। दोस्तों तिल को हम धार्मिक रूप से एक पवित्र वस्तु मानते है। तिल को हम आध्यात्मिक एवं शारीरिक दृष्टि से देखें तो आध्यात्मिक दृष्टि से हमारे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है और शारीरिक दृष्टि से तिल हमें बहुत ही लाभदायक होता है तिल से हमें कैल्शियम प्रदान होता है। हमारे शरीर में कैल्शियम की कमी अगर हो तो तिल उस कमी को पूरा करने का काम करता है।

इसी प्रकार गुरु एक मिठास का प्रतीक है और मिठास हमारे जीवन में मीठे वचन बोलना एवं मीठा सोचना इस प्रकार के आध्यात्मिक दृष्टि हमारे जीवन में लाता हैं। दोस्तों कहा जाता है कि मीठे खाने से मीठे सोच एवं मीठे विचार भी हमारे अंदर आते हैं। दोस्तों इसी प्रकार हम यह कह सकते हैं, कि तिल और गुड का हमारे जीवन में शारीरिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि दोनों तरफ से हमें लाभ प्रदान करता है।

मकर संक्रांति पर स्नान और दान का महत्व

दोस्तों Makar Sankranti Kyu Manate Hai In Hindi में समझने के लिए स्नान और दान का महत्व जानना बहुत जरूरी है। दोस्तों कहां जाता है की स्नान हमारे जीवन का वह आधार है जिससे हमारा शरीर शुद्ध होता है और हमें धार्मिक कार्यों को करने में सहायक प्रदान करता है। दोस्तों स्नान एक ऐसा कार्य है जो हम किसी भी शुभ कार्य जैसे पूजा करना, मंदिर जाना, शुभ कार्यों में शामिल होना जैसे अन्य कार्यों को करने से पहले हमें स्नान करना बहुत ही आवश्यक माना जाता है। इसलिए दोस्तों स्नान इतना जरूरी है कि हम किसी भी कार्य को करने से पहले अगर स्नान करें तो वह कार्य शुद्ध रूप से सफल होता है।

इसी प्रकार दान भी हमारे जीवन में एक मुख्य आधार प्रदान करता है दान मनुष्य जीवन में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है दोस्तों अक्सर हम देखते हैं कि बहुत सारे असहाय लोग होते हैं जिसे बहुत सारी वस्तुओं की जरूरत एवं पीड़ा से गुजरता है। ऐसे समय में हम ही एक सहायक होते हैं जो उन जैसे व्यक्तियों को दान के रूप में मदद करके उन्हें इन कष्टों से दूर कर सकते हैं एवं इससे हम अपने जीवन को भी धन्य बना सकते हैं। दोस्तों दान हमारे जीवन में बहुत ही बड़ी भूमिका निभाता है इसलिए दान करना हमें बहुत ही जरूरी एवं आवश्यक होता है।

मकर संक्रांति का जीवन और आध्यात्मिक संदेश

दोस्तों Makar Sankranti Kyu Manate Hai In Hindi में सबसे सुंदर उत्तर इससे अच्छा नहीं हो सकता है कि मकर संक्रांति हमारे जीवन में कैसे एक आध्यात्मिक संदेश हमें देता है। दोस्तों मकर संक्रांति हमें यह सिखाता है कि हमें अंधकार को छोड़कर प्रकाश की ओर बढ़ना बहुत ही आवश्यक है। दोस्तों अंधकार हमारे जीवन को आध्यात्मिक राह पर चलने पर हमें बाधित करता है एवं अगर हम अंधकार को छोड़कर प्रकाश की ओर चलने का प्रयास करें तो हमारे जीवन के हर एक आध्यात्मिक प्रयास सफल होंगे एवं हम आध्यात्मिक जीवन की ओर बढ़ पाएंगे।

इसी प्रकार मकर संक्रांति हमें यह भी सिखाता है कि नकारात्मक सोच छोड़ना, अच्छे कर्म करना, जरूरतमंदों की सहायता करना एवं प्रकृति का सम्मान करना जैसे अनेक विचारों को हमारे अंदर देने का प्रयास करता है। इस प्रकार हम यह समझ सकते हैं की मकर संक्रांति हमारे आध्यात्मिक जीवन को बहुत ही सफल बनाता है।

निष्कर्ष :

तो दोस्तों मैंने आपको Makar Sankranti Kyu Manate Hai In Hindi में विस्तार से बता दिया हु। दोस्तों मकर संक्रांति एक ऐसा पर्व है जो हर साल हमें एक नयी उमंग और नीले पिले पतंग का वो नजारा तथा अच्छे पकवान की ख़ुशी हमें एक अलग की खुशी देता है। दोस्तों लेख में आपको वो सारी जरुरत की जानकिरया दिया हु जिससे आपको इस महान त्योहार को करने के किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होगी। दोस्तों आशा करता हु कि आपको मेरा ये लेख आपको अच्छा लगा होगा Thanku.

FAQ:

मकर संक्रांति के पीछे क्या कहानी है?

शास्त्रों के अनुसार, इस दिन सूर्य देव अपने पुत्र शनिदेव से मिलने उनके घर (मकर राशि) जाते हैं, क्योंकि शनिदेव मकर और कुंभ राशि के स्वामी हैं, इसलिए यह दिन मकर संक्रांति कहलाता है।

14 जनवरी को क्यों मकर संक्रांति हुई?

14 जनवरी के बाद से सूर्य उत्तर दिशा की ओर बढ़ना शुरू करता है। इसलिए इस पर्व को हम ‘उतरायण’ भी कहते हैं, जो सूर्य के उत्तर की ओर प्रस्थान का संकेत करता है। वैज्ञानिक दृष्टि से, इसका कारण यह है कि पृथ्वी हर छह महीने बाद अपनी दिशा बदलती है और उत्तर से दक्षिण की ओर झुक जाती है।

मकर संक्रांति का भगवान कौन था?

मकर संक्रांति एक प्यारा त्योहार है, जहां हम सूर्य देव को खास सम्मान देते हैं, क्योंकि वे इस दिन मकर राशि में प्रवेश करते हैं। इस दिन लोग भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की पूजा भी करते हैं, और गंगा नदी को बड़ा महत्व दिया जाता है। दिलचस्प बात यह है कि माना जाता है कि इसी दिन भगवान विष्णु ने असुरों का नाश किया था।

Makar sankranti kahan manaya jata hai

मकर संक्रांति एक रंग-बिरंगा और हर्षोल्लास से भरा त्योहार है जिसे पूरे भारत और नेपाल में धूमधाम से मनाया जाता है, हालांकि हर जगह इसे अलग-अलग नामों और तरीकों से मनाया जाता है। उत्तर भारत में इसे खिचड़ी के नाम से जाना जाता है, वहीं राजस्थान में पतंगबाजी और तिल-गुड़ की मिठास के साथ लोग खुशियां मनाते हैं। तमिलनाडु में इसे पोंगल कहा जाता है, जबकि पंजाब में लोग लोहड़ी का एक अनोखे अंदाज़ में जश्न मनाते हैं। असम में, इसे माघ बिहू के रूप में मनाया जाता है, जहां लोग नदी में स्नान करते हैं, दान-पुण्य करते हैं और नई फसल के स्वादिष्ट व्यंजनों जैसे खिचड़ी, पोंगल, और तिल-गुड़ का आनंद उठाते हैं।

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